एक तूफां दिल में ठहरा हुआ है
लेकिन हवा का आँचल आज भी लहरा हुआ है ।
बदलते वक़्त ने सोच के मायने बदल डाले
लोग कहते है वक़्त सुनहरा हुआ है ।
अब चींखे भी कानो में असर नहीं करती
न जाने कब से ये इंसान इतना बहरा हुआ है ।
उसकी पलक की झलक अब तलक है ज़ेहन (दिमाग ) में
वो एहसास अभी तक दिल में ठहरा हुआ है ।
एक शख़्स है जो रोज़ मुझे ख़्वाबों में आकर चोट करता है
एक अरसे बाद उसका अक़्स (परछाई ) बदलकर एक चेहरा हुआ है ।
सलाम करता हूँ में अपने देश के जाँबाज़ो (बहादुर ) को
जिनकी वज़ह से तिरंगा अभी तक देश में फहरा (लहरा ) हुआ है ।
एक तूफां दिल में ठहरा हुआ है
मेरा दर्द वक़्त के साथ गहरा हुआ है ।
लेख़क
संकल्प साग़र ग़ौर ( बनाइये लफ़्ज़ों से दिल का रिश्ता )
मेरा दर्द वक़्त के साथ गहरा हुआ है ।
एक समंदर दिल में उफान पर हैलेकिन हवा का आँचल आज भी लहरा हुआ है ।
बदलते वक़्त ने सोच के मायने बदल डाले
लोग कहते है वक़्त सुनहरा हुआ है ।
अब चींखे भी कानो में असर नहीं करती
न जाने कब से ये इंसान इतना बहरा हुआ है ।
उसकी पलक की झलक अब तलक है ज़ेहन (दिमाग ) में
वो एहसास अभी तक दिल में ठहरा हुआ है ।
एक शख़्स है जो रोज़ मुझे ख़्वाबों में आकर चोट करता है
एक अरसे बाद उसका अक़्स (परछाई ) बदलकर एक चेहरा हुआ है ।
सलाम करता हूँ में अपने देश के जाँबाज़ो (बहादुर ) को
जिनकी वज़ह से तिरंगा अभी तक देश में फहरा (लहरा ) हुआ है ।
एक तूफां दिल में ठहरा हुआ है
मेरा दर्द वक़्त के साथ गहरा हुआ है ।
लेख़क
संकल्प साग़र ग़ौर ( बनाइये लफ़्ज़ों से दिल का रिश्ता )
Very very good
ReplyDeleteThanks for supporting.
DeleteFantastic 😍😍
ReplyDeleteUr comments are valuable.
DeleteVery nice
ReplyDeleteFantastic 😍😍
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