आजकल ज़्यादातर लोग ग़लत नाव में सवार बैठें है कहते है मोदी सरकार की वज़ह से बेरोजगार बैठें हैं! संघर्ष करने की ताक़त नहीं रखते हैं ज़िन्दगी से लड़े बिना ही हार बैठे हैं ! सभी माँ बाप बच्चों के लिए जीतें हैं अपनी इच्छाएँ तो वो कब की मार बैठें है ! रास्तों का पता लोगों को उम्र भर नहीं चलता लेकिन मंज़िलों को पाने के लिए सब बेक़रार बैठें है ! पैसा कमाने की दौड़ में सभी लोग लगे हुए हैं नादान हैं उम्र भर ज़िंदा रहने की ग़लतफ़हमी पाल बैठें हैं ! संकल्प साग़र ग़ौर (बनाइयें लफ़्जों से दिल का रिश्ता )
लफ़्जो की छटपटाहट और अल्फाजों की जादूगरी का मजा लीजिए I संकल्प सागर की रचनायें (बनाइये लफ़्जो से दिल का रिश्ता )