कोई तो गुनाह किया है मैंने जो
उसकी निगाहें मुझे गुनहगार मानती है ,
कुछ तो है तेरे मेरे दरमियान
ये बात वो भी जानती है ,
लेकिन न जाने क्यों नजदीकियां
फाँसलो का रूप ले रही है ,
जिसे मैंने साया समझा था
वही मेरे सर की धूप ले रही है ,
हो सकता है मैं गुनहगार हूँ
लेकिन मैंने गुनाह नहीं किया है ,
तेरी किसी बात को मैंने
अनसुना नहीं किया है ,
हाँ सच और झूठ का दायरा
बहुत बड़ा है
मुसीबतों का पहाड़ दोनों के
दरमियान खड़ा है ,
लेकिन एक रास्ता अभी भी
इंतज़ार कर रहा है ,
हर लम्हा अभी भी
तुमसे प्यार कर रहा है ,
माना की मैं निर्दोष नहीं हूँ
लेकिन होश में हूँ बेहोश नहीं हूँ ,
मैं जानता हूँ मेरी बातों पर तुम्हे
इकरार नहीं है ,
तुम अभी भी यही कहोगी की
मुझे तुमसे प्यार नहीं है ,
लेकिन सच यही है की मैं भी
हदों कर पार कर रहा हूँ ,
इतना संजीदा होने की जरूरत नहीं है
मैं भी किसी और से प्यार कर रहा हूँ ,
लेकिन तुम्हारी धड़कनो पर मेरा
एतबार बाकी है,
मेरे दिल में अभी भी तुम्हारे लिए प्यार बाकी है I
प्यार बाकी है ! प्यार बाकी है ! प्यार बाकी है !
प्यार बाक़ी है !
संकल्प साग़र ग़ौर
( बनाइयें लफ़्जों से दिल का रिश्ता )
उसकी निगाहें मुझे गुनहगार मानती है ,
कुछ तो है तेरे मेरे दरमियान
ये बात वो भी जानती है ,
लेकिन न जाने क्यों नजदीकियां
फाँसलो का रूप ले रही है ,
जिसे मैंने साया समझा था
वही मेरे सर की धूप ले रही है ,
हो सकता है मैं गुनहगार हूँ
लेकिन मैंने गुनाह नहीं किया है ,
तेरी किसी बात को मैंने
अनसुना नहीं किया है ,
हाँ सच और झूठ का दायरा
बहुत बड़ा है
मुसीबतों का पहाड़ दोनों के
दरमियान खड़ा है ,
लेकिन एक रास्ता अभी भी
इंतज़ार कर रहा है ,
हर लम्हा अभी भी
तुमसे प्यार कर रहा है ,
माना की मैं निर्दोष नहीं हूँ
लेकिन होश में हूँ बेहोश नहीं हूँ ,
मैं जानता हूँ मेरी बातों पर तुम्हे
इकरार नहीं है ,
तुम अभी भी यही कहोगी की
मुझे तुमसे प्यार नहीं है ,
लेकिन सच यही है की मैं भी
हदों कर पार कर रहा हूँ ,
इतना संजीदा होने की जरूरत नहीं है
मैं भी किसी और से प्यार कर रहा हूँ ,
लेकिन तुम्हारी धड़कनो पर मेरा
एतबार बाकी है,
मेरे दिल में अभी भी तुम्हारे लिए प्यार बाकी है I
प्यार बाकी है ! प्यार बाकी है ! प्यार बाकी है !
प्यार बाक़ी है !
संकल्प साग़र ग़ौर
( बनाइयें लफ़्जों से दिल का रिश्ता )
Comments
Post a Comment