कोई तो गुनाह किया है मैंने जो उसकी निगाहें मुझे गुनहगार मानती है , कुछ तो है तेरे मेरे दरमियान ये बात वो भी जानती है , लेकिन न जाने क्यों नजदीकियां फाँसलो का रूप ले रही है , जिसे मैंने साया समझा था वही मेरे सर की धूप ले रही है , हो सकता है मैं गुनहगार हूँ लेकिन मैंने गुनाह नहीं किया है , तेरी किसी बात को मैंने अनसुना नहीं किया है , हाँ सच और झूठ का दायरा बहुत बड़ा है मुसीबतों का पहाड़ दोनों के दरमियान खड़ा है , लेकिन एक रास्ता अभी भी इंतज़ार कर रहा है , हर लम्हा अभी भी तुमसे प्यार कर रहा है , माना की मैं निर्दोष नहीं हूँ लेकिन होश में हूँ बेहोश नहीं हूँ , मैं जानता हूँ मेरी बातों पर तुम्हे इकरार नहीं है , तुम अभी भी यही कहोगी की मुझे तुमसे प्यार नहीं है , लेकिन सच यही है की मैं भी हदों कर पार कर रहा हूँ , इतना संजीदा होने की जरूरत नहीं है मैं भी किसी और से प्यार कर रहा हूँ , लेकिन तुम्हारी धड़कनो पर मेरा एतबार बाकी है, मेरे दिल में अभी भी तुम्हारे लिए प्यार बाकी है I प्यार बाकी है ! प्यार बाकी है ! प्यार बाकी है ! प्यार बाक़ी है ! संकल्प साग़र ग़ौ...