1.
दो क़दम तुम्हारे साथ चलना चाहते हैं
तुम्हारे इश्क में ढलना चाहते हैं
सुना हैं तुम मदहोश करती हो
एक बार हम भी गिर के संभलना चाहते हैं !!
# संकल्प साग़र ग़ौर
2.
चलो तन्हाई के दरवाज़े तोड़ देते हैं
कुछ देर के लिए ख़ुद को खुला छोड़ देते हैं !
वक़्त कठिन है दिल का भार कम करतें हैं
तुम्हारा ख़्याल कुछ दिन छोड़ देते हैं !
# संकल्प साग़र ग़ौर
3.
दिल की धड़कनों पर
ऐतबार क्या करतें
तुम्हारा शक दूर करतें
तो प्यार क्या करतें !
# संकल्प साग़र ग़ौर
दो क़दम तुम्हारे साथ चलना चाहते हैं
तुम्हारे इश्क में ढलना चाहते हैं
सुना हैं तुम मदहोश करती हो
एक बार हम भी गिर के संभलना चाहते हैं !!
# संकल्प साग़र ग़ौर
2.
चलो तन्हाई के दरवाज़े तोड़ देते हैं
कुछ देर के लिए ख़ुद को खुला छोड़ देते हैं !
वक़्त कठिन है दिल का भार कम करतें हैं
तुम्हारा ख़्याल कुछ दिन छोड़ देते हैं !
# संकल्प साग़र ग़ौर
3.
दिल की धड़कनों पर
ऐतबार क्या करतें
तुम्हारा शक दूर करतें
तो प्यार क्या करतें !
# संकल्प साग़र ग़ौर
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