1.
एक ख़्वाब था आँखों में
वो भी तोड़ दिया तुमने
हम हमसफ़र की
तलाश में निकलें थे
फ़िर से
तन्हा छोड़ दिया तुमने !
# संकल्प साग़र ग़ौर
2.
मुझे कहाँ पता था
सफ़र में बात नहीं होगी
तुम हर लम्हा साथ होगी
मग़र मुलाक़ात नही होगी !
# संकल्प साग़र ग़ौर
3.
मैं दर्द हूँ
मुझे समझना नहीं
सहना पड़ता है
अश्क़ चाहकर भी
पत्थर नहीं हो सकते
इन्हें आँखों से
बहना पड़ता है !
# संकल्प साग़र ग़ौर
एक ख़्वाब था आँखों में
वो भी तोड़ दिया तुमने
हम हमसफ़र की
तलाश में निकलें थे
फ़िर से
तन्हा छोड़ दिया तुमने !
# संकल्प साग़र ग़ौर
2.
मुझे कहाँ पता था
सफ़र में बात नहीं होगी
तुम हर लम्हा साथ होगी
मग़र मुलाक़ात नही होगी !
# संकल्प साग़र ग़ौर
3.
मैं दर्द हूँ
मुझे समझना नहीं
सहना पड़ता है
अश्क़ चाहकर भी
पत्थर नहीं हो सकते
इन्हें आँखों से
बहना पड़ता है !
# संकल्प साग़र ग़ौर
Comments
Post a Comment