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4. अंदाज़ ए शायरा ( थोड़ा शायराना हो जाए )

1.
कहने से वो
डरता बहुत है
लेकिन सच में वो
मुझ पर मरता बहुत है !
# संकल्प साग़र ग़ौर
2.
ज़रूरत से ज़्यादा
हर चीज़ का ख़्याल करतें हैं
इसलिए लोग हमसे
ज्यादा सवाल करतें हैं !
# संकल्प साग़र ग़ौर
3.
कुछ लोग पहले
आँखें चार करते हैं
और फ़िर
हवस का क़ारोबार करते हैं !
ये सच है
ठोकर उन्हीं के हिस्सें
में आती हैं
जो सच्चा प्यार करते हैं !
# संकल्प साग़र ग़ौर 

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1. समझ ही नहीं आता तेरी तस्वीर है या दरिया जब भी देखता हूँ बहता चला जाता हूँ ! # संकल्प साग़र ग़ौर 2. मुझे ख़्वाब समझ कर अपने से जुदा ना करना अगर रूह में उतर गये तो मर के ही निकलेंगे ! # संकल्प साग़र ग़ौर 3. अश्क़ों के मोती धीरे धीरे पिरोते हैं ये ख़्वाब भी कितने अज़ीब होते हैं ! # संकल्प साग़र ग़ौर