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कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिए

कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिये,
दिल तो बस एक खिलौना है जमाने के लिये !
हम तो तैयार बैठें है उसे ये बताने के लिए
लेकिन वो तैयार ही नहीं है हमारे पास आने के लिए !
हम खुदगर्ज़ नहीं है उसे ये कैसे समझाएं शायद
कोई समझदार नहीं है उसे ये समझाने के लिए !
गलती हमारी नहीं फिर भी सर झुका लेते हैं
उसकी एक मुस्कराहट पाने के लिए !
हम खुद खड़े रहते हैं रास्तों पर मुसाफिर बनकर
उनको जमाने की ठोकर से बचाने के लिए !
घर की जरुरत हैं में जानता हूँ ये मुनासिब हैं
अपना नुकसान मत करो चंद सिक्के कमाने के लिए !
कोई साथ नहीं देता उल्फतों के दौर में
हम सबसे पहले आएंगे आपको बचाने के लिए !
कौन साथ देता हैं उम्र भर का यहाँ  पर संकल्प
लोग एक रिश्ता तोड़ देते हैं दूसरा निभाने के लिए !
कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिये,
दिल तो बस एक खिलौना है जमाने के लिये !
 संकल्प साग़र ग़ौर
(बनाइयें लफ़्जों से दिल का रिश्ता)

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