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एक ख़ामोश रात जैसे कुछ बताना चाहती है !

नीले आसमान तले
एक ख़ामोश रात जैसे कुछ बताना चाहती है!
ज़िन्दगी के साथ राज नयी जंग न जाने
ये दिल की हसरतें क्या पाना चाहती है ?
में तेरे पास नहीं हूँ या तू मुझसे दूर है
तू भी असहाय हैं दिल मेरा भी मज़बूर हैं
ज़िन्दगी न जाने और क्या दिखाना चाहती हैं !
दूर तलक फ़क़त एक हल्की सी रौशनी
रात जैसे उसमे नहाना चाहती हैं!
एक छोटी सी बच्ची न जाने कब से भूखी है
लेकिन आज भी वो अपनी भूख सब से छुपाना चाहती है!एक ख़ामोश रात जैसे कुछ बताना चाहती है !
 ये नन्हीं सी चिड़िया बहुत शोर मचातीं हैं
भूख ज्यादा हैं वो थोड़ा सा दाना चाहती हैं !
ज़िन्दगी क़िताब के कुछ पन्ने फाड़ देती है
शायद वो कुछ पुराने राज़ छुपाना चाहती हैं!
 नीले आसमान तले
एक ख़ामोश रात जैसे कुछ बताना चाहती है
ज़िन्दगी के साथ राज नयी जंग न जाने
ये दिल की हसरतें क्या पाना चाहती है ?
संकल्प साग़र ग़ौर
( बनाइयें लफ़्जों से दिल का रिश्ता )

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