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पुराने घावों को भरने में ज़माने लगते हैं !

जो लोग रोशनी में
नहाने लगते हैं
अक़्सर वही लोग
अँधेरों से घबराने लगते हैं !!

जो लोग अपने झूठ में
खोए रहते हैं उन्हें
दूसरों के सच
बहाने लगते हैं !!!

पुराने घावों को
क्यूँ कुरेदते हो
तुम्हें कैसे बताएँ ज़नाब
इन्हें भरने में ज़माने लगते हैं !!!!
# संकल्प साग़र ग़ौर

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