माना कि दिल के राजो को यूँ छुपाते नहीं है लेकिन
इतना खुल कर भी किसी के सामने आते नहीं है ।
सुना है उसे अपनी धड़कनो पर ऐतबार (भरोसा )बहुत है
लेकिन दिल के दरवाजे लोग बेवजह खटखटाते नहीं है ।
हालत ये है की मुराद(प्रार्थना ) अगर पूरी न हो
मंदिर में भी लोग फूल चढ़ाते नहीं है ।
मोहब्बत में अक्सर निगाहों से बात होती है
फिजूल में लोग होटों को हिलाते नहीं है ।
उम्र भर लोग मंजिलो कि राह तकते है
रास्ते किसी को नजर आते नहीं है ।
जो दूसरों के घरों में आग लगाते है
सच यही है कि वो कभी चैन से सो पाते नहीं है ।
दिल के राजो को यूँ छुपाते नहीं है लेकिन
इतना खुल कर भी किसी के सामने आते नहीं है ।
संकल्प साग़र गौर
(बनाइये लफ़्जो से दिल का रिश्ता )
इतना खुल कर भी किसी के सामने आते नहीं है ।
सुना है उसे अपनी धड़कनो पर ऐतबार (भरोसा )बहुत है
लेकिन दिल के दरवाजे लोग बेवजह खटखटाते नहीं है ।
हालत ये है की मुराद(प्रार्थना ) अगर पूरी न हो
मंदिर में भी लोग फूल चढ़ाते नहीं है ।
मोहब्बत में अक्सर निगाहों से बात होती है
फिजूल में लोग होटों को हिलाते नहीं है ।
उम्र भर लोग मंजिलो कि राह तकते है
रास्ते किसी को नजर आते नहीं है ।
जो दूसरों के घरों में आग लगाते है
सच यही है कि वो कभी चैन से सो पाते नहीं है ।
दिल के राजो को यूँ छुपाते नहीं है लेकिन
इतना खुल कर भी किसी के सामने आते नहीं है ।
संकल्प साग़र गौर
(बनाइये लफ़्जो से दिल का रिश्ता )
Fabulous 😎😎
ReplyDeleteFabulous 😎😎
ReplyDeleteWoowww ...great 👌👌👌
ReplyDeleteGreat keep it up
ReplyDeleteGreat keep it up
ReplyDeleteIt's fabulous
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद सराहना के लिए !
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